सफलता की प्रेरक कहानी-कुआ

story of success in hindi

One line :- रचना सफलता की प्रेरक कहानी-कुआ कहानी तीन इंसानो की है जो की साबन की फैक्टरी में कार्य करते है,यह कहानी आपको एक संन्देश देगी जिसको पढ़ने के बाद आपकी आॅखें खूल जाऐगी.

1.Please note:- This story copyright from Mumbai film writers association, so do not copy for any short film and sale our without permission.

2.This story protected by DMCA

3.जरूरी सूचना ……….. हमारे लेखिक mumbai film writers association के मैंबर है और यदि आप हमारी अनुमति के बिना कहानी का उपयोग करता है।

जैसे अखबार। वीडियों। यां फिर रेडिऐ आदि पर सुनता है।

तो आप पर copyright claim डाला जाऐगा।


सफलता की प्रेरक कहानी | story Character | कहानी के पात्र story of success in hindi

1.बंता.
2.मीता
3.मिस्तरी


सफलता की प्रेरक कहानी-कुआ

Par no :- 01 story of success in hindi | सफलता की प्रेरक कहानी

समय शांम का है


साबन बनाने वाली फैटकरी के आगे दो औरतें आपिस में झगड़ रही है,दोनों के मुंह पर #मास्क face #mask लगा है। एक ने दूसरी औरत के कान पर तमाचा मारा और उसका मास्क उतर कर नीचे जा गिरा।


Read also शार्ट मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी  

मोटिवेशनल कहानी इन हिंदी-हीराभाई

मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी-जीत गया


दूसरी ने उसका मास्क उतार कर फैंक दिया और आपिस में झगडे लगी,आते — जाते लोग दोनों की तरफ देखते हुऐ आगे जा रहे थें।

एक लड़का इन दो औरतों की तरफ देखते — देखते एक चली आ रही लड़की के बीच लगा।

लड़की………..समाने तो देख ले पागल किसी जगा का।


लडका…………होठों में मुस्कराते ….माफी चहताू हूं मैडम।

 

बाद में  police आई और दोनों औरतों dono auroto को वहां से ले गई।

साबुन की फैक्ट्री में  साबन बनाने वाले चार आदमी काम कर रहे है,एक ने पहिले समाने दीवार पर लगी घडी की तरफ देखों।


तो समय था दोपहर 12 बजे का फिर उसने अपनी कलाई पर लगी घडी की तरफ देखा तो समय था समय शाम 5 बजे का.

 

बंता………..अपने साथ वाले से …..भाई शांम के पांच बज गए घर जाने का समय हो गया है।

मिस्तरी……..हां यार चलों जलते है

 

बाद में after the some time सभी ने फैकटरी मालिक को अलविदा बोला और फैक्टरी से बाहर आ गए,बंता ने साईकिल उठाई।

 

बंता…………साईकिल चलते…साईकिल भारी — भारी सा पता नहीं क्यों लग रहा है।

मीता……….टाईर में हवा है नहीं बिना हवा के कैसे चलेगा साईकिल।

 

बाद में उन्होने साईकिल को ठीक किया और वहां से अपने घर की तरफ निकल पडे।

सभी लोग आपिस में बातें करते हुऐ अपने घर की तरफ चले जा रहे है,इनके गांव को जो रास्ता
जाता था।

उस रास्ते पर लोगों को आना — जाना बहुत कम था,

 

जिस रास्ते पर वो लोग घर जा रहे थे,उस पर कुछ दूरी पर एक बडा से दो पेड गिरे पडे थे और उनको इस बात का कोई आता — पता नहीं था.

 

और जब वो अनके पास आ गऐ तो रास्ते को बंद देख कर उनमें से एक बोला।

बंता………….यह क्यां रास्ते पर तो पेड गिरे है।


मीता…………यह इसका काम हो सकता है।


मिस्तरी ……..किसी का नहीं ….अचानक हवां से गिर गऐ होगा…मेरे पास दूसरा रास्ता है

हम उस रास्ते से घर चलते है।

 

सीता…………हम आगे चलेगे और तू हमारे पीछे पीछे आना।

सीता …………अगर कुऐ में गिरे तो हम सबसे पहिले गिरेगे नां की तूं।


 

3.motivational story in hindi for success

 

बाद में तीनों वहां से दूसरे रास्ते की तरफ चले गऐ,रात का समय night time है सभी के साईकिल पर साईकिल वाली लाईट लगी है।

 

कुछ कुत्तों के भैंकने की आवाज़ों आ रही है,कुछ आवारा कुत्ें उनके पीछे पडे लेकिन उन्होने ने कूत्तो को वहां से बगा दिया.

 

आगे एक कुआ है,तो आगे जा रहे सीता और मिस्तरी ने कुऐ से साईकिलो को एक तरफ से निकाल लिया।

 

लेकिन,बंता कुऐ में जा गिरा,ऐसे होने से वो जोर — जोर से चीलाने लगा, उसके चीलाने से दोनों ने साईकिल को रोका और पीछे की तरफ भाग कर आते है।

 

सीता……. …जिस बात कर डर था वहीं हुआ।

बंता…………भाईयों मुझे यहां से बाहर निकालों….यहां ठंडे पानी क्यां पता कोई सांप भी।

बंता ………..तुम लोग खडे मेरी तरफ क्यों देख रहे हो ….मुझे जल्दी से बाहर निकालों।

 

मिस्तरी……….तुमे बोला था …..की  हमारे पीछे पीछे आना और तू ​फिर भी कुऐ में जा गिरा।

बंता……मेरे पीछे कुता पड गाया उसको भागने में लगा था और आगे कुऐ दिखाई नहीं दिया।

 

बंता………….तुम लोग समय खराब मत करें ….रात तेजी से बढ़ रही है कुछ करें यार।

मिस्तरी………तू चिंता ना कर….हम लोग कुछ करते है।

सीता…………इसके लिए रसी की जरूरत होगी …..और वो हमारे पास नहीं है।

 

मिस्तरी ……….यहां आस—पास देखते है क्यों पता कोई छोटी — मोटी रसी मिल जाऐ।

दोनों रसी को ढूढ़ने में लगे है,लेकिन उनको वहां पर कोई भी रसी नहीं मिल रही थी।

 

सीता…………….यहां पर तो कुछ भी नहीं…….एक काम करते है।

मिस्तरी………….क्यां ?

सीता……………..तुम आपनी doti भी उतारी और मैं अपनी doti उताराता हूं।

मिस्तरी ………….लेकिन अगर घर वाली ने पूछा की धोती कहां है।

सीता…………….अरे यार बता देगें।

सीता………………की हमारा दोस्त कुऐ में जा गिरा उसको बचाने के लिए धोती फट गई।

 


4.motivational success stories in hindi

 

दोनों ने धाती की रसी बनाई और नीचे कुऐ में लटा दी, लेकिन यह थोडी सी छोटी रह गई।

बंता………….और नीचे करों इसको।

मिसतरी………..और नहीं हमारे पास।

जैसे — तैसे करके बंता ने धोती को पकड़ लिया और जैसे वो थोडा सा उपर आया,तो बंता का बजन ज्यादा होने से धोती की बनाई रसी टूट गई।

 

मिस्तरी…………..अब तू नहीं निकल पाऐगा कुऐ से।

 

बंता आधा उपर आ गया और धोती फिर टूट गई और वो फिर नीचे जा गिरा,अब धोती आधी हो चुंकी है।

 

मिस्तरी……….बंता से ….देख भाई अब हमारे पास कोई दूसरी रॅसी नहीं है अब हमको गांव जाकर लानी पडेगी। बाद में वो लोग गांव की तरफ चले गऐ और बंता ऐकला रह गया।

 

बंता………..खुद से ….अब क्यां होगा…ऐसे तो मैं सुबह तक नहीं निकल सकता

बंता………और मुझे नहीं लगता यह वापिस आऐगे…..हो भगवान मैं कहां फस गया।

 

बंता सोचने लगा और ईटों की तरफ दखता रहा फिर उसने हां में सिर हीलाया।

बंता……खुद से ….मैं अगर ईटों के जरिऐ बाहर जाने की कोशिश करू तो यहां से निकल सकता हूं।

 

उसने ठीक ऐसा हीं कियां एक दो बार वो नीचे गिरा और जौथे बाहर वो कऐ से बाहर निकल आया।

बंता……….काश……यह विचार दिमाग में पहिले से आ जाता तो कब का घर होता।

बाद में उसने साईकिल उठाई और गांव की तरफ चला गया।


 

अंत में……… सफलता की प्रेरक कहानी-कुआ

यह कहानी से हमें यह सीख मिलती है की लगातार पय्रास करते रहे यदि आप कोई कार्य में लगे है तो बार — बार फेल होने पर भी उस कार्य में लगे रहना चहिऐ।

 


हम आपसे पछूते है……. रचना { सफलता की प्रेरक कहानी-कुआ } आपको कैसी लगी.if you like this post then please share with friends and family members.

1.अच्छी लगी।?
2.आपने इससे क्या सीखा।?
3.क्यां इसमें कोई सुधार की जरूरत है।?

आपने जवाब को नीचे दिऐ कमेंट बॉक्स comment में लिखे आपके जवाब का इंतजार रहेगा।

 


 

यां फिर हमें इस पते पर ईमेल करें …..और यदि आपके पास कोई कहानी है तो हमेंं भेजे

[email protected]